तुमने किसी पहाड़ को पिघले हुए देखा है
तुमने किसी पहाड़ को
पिघले हुए देखा है ऋषिवर
है वह पहाड़ जो सचमुच
पिघल गया है…।।
छोटी बहन की मौत ने
सबको बड़ा रुलाया,
आंखों से अपनी एक
भी आंसू नहीं बहाया,
चाचा की मौत पर दरिया
ही चल गया है। ऋषिवर…
देखा प्रभास तीर्थ पर
इक दिन वहां विचरते,
मां-बाप अपनी बेटियाँ
पंडों को दान करते,
नयनों से नीर निकला और
दिल फिसल गया है। ऋषिवर…
बच्चे के शव से आप ही मां
ने कफन हटाया रो-रो के अपने
लाल को गंगा में जब बहाया,
यह दृश्य देख कर तो तन-मन
दहल गया है। ऋषिवर…..
भारत की दुर्दशा ने ऐसी दशा
बनाई पल भर न चैन पा सका
सुख की न नींद आई फिर
भी ‘पथिक’ हमारा नक्शा
बदल गया है। ऋषिवर…..










