तुमको मानव जन्म मिला जीने को सुख से।

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तुमको मानव जन्म मिला जीने को सुख से।

तुमको मानव जन्म मिला
जीने को सुख से।
सुख सारे छोड़कर
के बटोर लिए दुःख रे।॥१॥

संसार बाजार मिला
खारीदने को मोक्ष रे।
मोक्ष को भूल के खरीदे
एषणा कांच रे ।।२।।

अस्थाई है जग मिला
स्थाई को तलाशने।
स्थाई-वाई ‘भूल गया
लगा धूल फांकने ।। ३ ।।

अल्पज्ञ है स्वरूप तेरा
सर्वज्ञ को तलाश ले।
इस पथ अमरता है
बाकी पथ राख रे ।।३।।

तुमको मानव जन्म
मिला जीने को सुख से।
सुख सारे छोड़कर के
बटोर लिए दुःख रे।॥१॥

संसार बाजार मिला
खारीदने को मोक्ष रे।
मोक्ष को भूल के खरीदे
एषणा कांच रे ।।२।।

अस्थाई है जग मिला
स्थाई को तलाशने।
स्थाई-वाई ‘भूल गया
लगा धूल फांकने ।। ३ ।।

अल्पज्ञ है स्वरूप तेरा
सर्वज्ञ को तलाश ले।
इस पथ अमरता है
बाकी पथ राख रे ।।३।।