तुम हो प्रभो चाँद मैं हूँ चकोरा
तुम हो प्रभो चाँद
मैं हूँ चकोरा
तुम हो कमल फूल
मैं हूँ रस का भौंरा
तुम हो प्रभो चाँद
ज्योति तुम्हारी का
मैं हूँ पतंगा
आनन्द घन तुम हो
मैं वन का मोरा
तुम हो प्रभो चाँद
मैं हूँ चकोरा
तुम हो प्रभो चाँद
पानी बिना जैसे
हो मीन व्याकुल
ऐसे ही तड़पाये
तुम्हरा बिछौड़ा
तुम हो प्रभो चाँद
मैं हूँ चकोरा
तुम हो प्रभो चाँद
इक बूँद जल का
मैं प्यासा हूँ चातक
अमृत की करो वर्षा
हरो ताप मोरा
तुम हो प्रभो चाँद
मैं हूँ चकोरा
तुम हो प्रभो चाँद
तुम हो कमल फूल
मैं हूँ रस का भौंरा
तुम हो प्रभो चाँद
मैं हूँ चकोरा










