तू पिता और तू ही माता

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तू पिता और तू ही माता

तू पिता और तू ही माता,
तू सखा तू ही है
भ्राता ऐ मेरे भगवान।
निर्विकार निराकार तू
सर्वजगदाधार तू सर्वशक्तिमान ।
तू पिता और तू ही माता..

अभय अनुपम और अनादि
सृष्टि का करता है तू ।
सर्व-व्यापक न्यायकारी
सकल दुःख हरता है तू।
तू कभी न जन्मता है न
कभी मरता है तू ऐ मेरे भगवान।
तू पिता और तू ही माता..

नियम से जग को चलाए
सब का दाता भी है तू।
कर्मफल जो दे रहा है
वह विधाता भी है तू।
तू स्वयं जग को बनाता और
मिटाता भी है तू ऐ मेरे भगवान् ।
तू पिता और तू ही माता..

करूणामय करूणा करो
कि ध्याएँ तेरा नाम हम।
हवन सन्ध्या भजन गावें
मिल के प्रातः शाम हम।
सत्य पथ पर पग बढ़ाएँ पथिक
आठों याम हम ऐ मेरे भगवान् ।
तू पिता और तू ही माता…