तू है सच्चा पिता सारे संसार का ओ३म प्यारा।
तू है सच्चा पिता सारे
संसार का ओ३म प्यारा।
तू ही तू ही है रक्षक हमारा ॥
चाँद सूरज सितारे बनाये।
पृथ्वी, आकाश, पर्वत सजाये।
अन्त आया नहीं,
तेरा पाया नहीं पारवारा ॥
तू ही…….. ॥ १ ॥
पक्षी गण राग सुन्दर हैं गाते।
जीव, जन्तु भी सिर हैं झुकाते।
सुख उसी को मिला,
तेरी राह पर चला जो कि प्यारा ॥
तू ही…….. ॥ २ ॥
पाप पाखण्ड हमसे छुड़ाओ ।
वेद मार्ग पे हमको चलाओ।
लगे भक्ति में मन,
करें सन्ध्या-हवन जग सारा ॥
तू ही…….. ॥ ३ ॥
अपनी भक्ति में मन को लगाना।
कष्ट सारे हमारे मिटाना।
दुःखिया कंगालों का और
धनवानों का तू सहारा ॥
तू ही. … ॥ ४ ॥










