कृतज्ञता
तेरी रहमतों का सहारा ना होता,
तो एक पल भी मेरा गुजारा न होता।
तेरी रहमतों से मैं जिन्दा हूँ मालिक,
तेरी बंदगी से मैं बन्दा हूँ मालिक।
अगर तू न होता तो कोई हमारा ना होता।
तो एक पल भी मेरा……….।।1।।
अल्पज्ञ हूँ मैं दाता, जो तुझे भूल जाऊँ,
जो ठोकर लगे तो तेरे पास आऊँ।
वरना मेरा यहाँ गुजारा ना होता ।।
तो एक पल भी मेरा ………।।2।।
तेरे भक्त विष पीकर भी मुस्कुराते,
तेरी इच्छा पूर्ण हो यही गीत गाते।
तू अगर अपने भक्तों को प्यारा ना होता।
तो एक पल भी मेरा……….।।3।।
ये संसार सागर महाजाल घेरा,
मेरी जिन्दगी में है छाया अंधेरा।
देता न ज्योति तू, उजाला ना होता।
तो एक पल भी मेरा ……….।।4।।










