तेरी आँखों के नीचे हो
तेरी आँखों के नीचे हो
देख-रेख जीवन की
स्मरण रहे – मुझे देख रहे तुम
राह ना हो अवगुण की
प्रभु जी!!
राह ना हो अवगुण की
तेरी साक्षी में हर कर्म हो
चाहूँ साथ तुम्हारा
तेरे सम्यकदर्शन में ही
बीते जीवन सारा
कभी ना तेरे सन्दर्शन से
जुदा रहूँ मैं प्रभुजी
तेरी आँखों के नीचे हो
देख-रेख जीवन की
तेरे सन्दर्शन में जीना
काम तो सरल नहीं है
मन जब निर्बल हुआ तो तेरी
शक्ति साथ रही
मेरी आत्मा को तुम दे दो
शक्ति, प्रभु संयम की
तेरी आँखों के नीचे हो
देख-रेख जीवन की
जग की हवा के लगे थपेड़े
सुध-बुध रहती बिसरी
रह सकती ना जागृत मुझमें
तेरी पावन प्रभु स्मृति
करूँ याचना दृढ़ शक्ति दो
और दो पावन सुमति
तेरी आँखों के नीचे हो
देख-रेख जीवन की
करूँ सदा अवलोकन तेरा
यत्न हो सत्कर्मों का
सुख-दु:ख विपदा कष्टों में भी
ध्यान हो तव चरणों का
तेरे सम्यक दर्शन में रहे
हृदय सदा पावन
तेरी आँखों के नीचे हो
देख-रेख जीवन की
बिना ध्यान करें सूर्य प्रकाश में
जैसे कार्य है करते
वैसे तेरे सन्दर्शन के
सुप्रकाश में हम रहते
हे समर्थ !! हे दृढ़ परमेश्वर !!
दो दृढ़ जीवन-ज्योति
तेरी आँखों के नीचे हो
देख-रेख जीवन की
स्मरण रहे – मुझे देख रहे तुम
राह ना हो अवगुण की
प्रभु जी!!
राह ना हो अवगुण की










