तेरा जीवन सारा बीत गया।

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सारा जीवन बीत गया

(तर्ज – मेरी छम छम बाजे पायलिया)

  • तेरा जीवन सारा बीत गया।
    तुम से मनाया नहीं मीत गया।
    तेरा जीवन सारा बीत गया……….

१. सब से उत्तम यह अधिकार तुझ को दिया।
तूने मौका सुनहरी यों ही खो दिया।
कभी हँसता रहा कभी रोता रहा
कभी हो पल में ही भयभीत गया।
तेरा जीवन सारा बीत गया….

२. थे मिले तुझ को साधन सभी साज़ भी।
तूने पाई थी कोयल सी आवाज़ भी।
रह गए बांवरे सब धरे के धरे और गाया
नहीं कोई गीत गया।
तेरा जीवन सारा बीत गया……….

३. सारी दुनियाँ को वश में तू करने चला।
एक गागर में सागर को भरने चला।
सारी दुनियाँ भला तू तो जीतेगा
क्या तेरा मन ही ‘पथिक’ तुझे जीत गया।
तेरा जीवन सारा बीत गया……….