तेरा हूँ मैं, तू मेरा ये
तर्ज – कसमें वादे प्यार वफा……
तेरा हूँ मैं, तू मेरा ये,
बातें हैं बातों का क्या।
कोई किसी का नहीं ये झूठे,
नाते हैं नातों का क्या॥
साधन सारे, सामने होंगे,
फिर भी ना तू बच पायेगा देखेंगे सब,
खड़े वहीं पे, काल तुझे जब ले जायेगा
सोच ‘सचिन’, कौन यहाँ पे,
तेरा साथ निभायेगा तेरा हूँ मैं…..
बहना भाई, ताऊ तायी,
कब तक साथ निभायेंगे चाचा चाची,
पिता व माता, भूल तुझे सब जायेंगे
कभी हंसेगा, संग में इनके,
और ये कभी रुलायेंगे तेरा हूँ मैं……
वो ही दाता, है अपना ये,
जिसने जगत रचाया है कोयलिया ने,
बैठ बाग में, जिसका राग सुनाया है
आसमान में, जिस दाता ने,
सुन्दर जाल बिछाया है तेरा हूँ मैं…….










