टंकारे में छोड़के चल दिये स्वामी जी परिवार को

0
11

टंकारे में छोड़के चल दिये स्वामी जी परिवार को

टंकारे में छोड़के चल दिये स्वामी जी परिवार को
मार्ग दिखलाने भूले संसार को। । टेक ।।

धर्म कर्म का ध्यान नहीं था
हम है कौन कुछ ज्ञान नहीं था
हृदय में स्थान नहीं था सत्य अहिंसा प्यार को।
मार्ग दिखलाने भूले संसार को।।1।।

चलते थे पर डरे हुये थे
जीते थे पर मरे हुये थे
हृदय अन्दर भेर हुये थे
अविद्या रूपी अन्धकार को।
मार्ग दिखलाने भले संसार को ।।2।।

रूढ़िवाद मत पंथ मिटाने
वेदों का प्रकाश फैलाने
पाखंडियों का टोल भगाने
दृढ कर चले विचार को
मार्ग दिखलाने भूले संसार को।।3।।

अनगिन आपत्ति व्याधायें
तन पर सही और पत्थर खाये
प्रेमी फिर भी न घबराये
धन्य महर्षि उदार को
मार्ग दिखलाने भूले संसार को ।।4।।