Arya Samaj bhajan

आगे बढ़ इन्सां ज्ञान की गोद में

आगे बढ़ इन्सां ज्ञान की गोद में आगे बढ़ इन्सां ज्ञान की गोद में,ज्ञान कर्म योग में।क्या रहा बाकीदुनियावी भोग में।...
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सुबह दुहो शाम दुहो सुबह दुहो शाम दुहो,प्रभात दुहो मध्याह्न दुही ।।१।। ब्रह्म तो अमृत अनन्त है,हर पल हर क्षण ज्ञान दुहो...
संगच्छध्वं संवदध्वं सं वो मनांसि जानताम् । संगच्छध्वं संवदध्वं संवो मनांसि जानताम् ।देवा भागां यथा पूर्वेसंजानाना उपासते ।। समानी व आकूतिःसमाना हृदयानि...
धर्मयुक्त नेक रहें, मन्त्र एक निज विरोध तजें धर्मयुक्त नेक रहें, मन्त्र एक।निज विरोध तजें,सम अन्तःकरण हों ।। टेक ।। हविष्य समान...
स्व थम्, बाह्य चंचल,चंचला थमन असम्भव । स्व थम्, बाह्य चंचल,चंचला थमन असम्भव ।स्व अचंचल, अचंचल थम्,अचंचल थमन्, अचंचल गमन । अचंचल...
भीतर बाहर ब्रह्म भरा है भीतर बाहर ब्रह्म भरा है,ईशावास्यम् इदं सर्वम् ।उसकी शक्ति जगत हरा है,ईशावास्यम् इदं सर्वम् ।एक ब्रह्म...
मानवता जी लो जीवन में मानवता जी लो जीवन में,यही है सार जीवन काधरम ये ही करम ये ही,मानवता ही है...
इसलिए ओऽम् से लगन लगा। इसलिए ओऽम् से लगन लगा।ज्ञान तू अपना रे खूब बढ़ा।कि ऋत के साथ रहे तू जुड़ा...
यज्ञार्थ ही तू धन कमा। यज्ञार्थ ही तू धन कमा।यज्ञार्थ ही तू भोजन पका।मन का रे तू यज्ञ बना,प्राण हो जाए...
निकटतम से निकट है निकटतम से निकट हैये रे ब्रह्ममीत ।मुझ में प्रकृति में भराब्रह्म गौरव गीत ।। टेक ।। नेति नेति...
सप्रयास मैं तुझ तक पहुंचा सप्रयास मैं तुझ तक पहुंचा,अप्रयास मैं तुझमें डूबा ।। टेक ।। दुनियां थी मेरे प्रयास का रास्ता।दुनियां...
ब्रह्म मेरा घर है ब्रह्म मेरा घर है, ब्रह्म मेरा दर है,ब्रह्म रास्ता है। वेद की दृष्टि से,देखें तो समझें, ब्रह्म...