Arya Samaj bhajan
परहित करना उत्तम धरम है
परहित करना उत्तम धरम है,परहित करना सर्वोच्च करम है।।आत्म गहन ब्रह्म गहनतम है,इनका मिलन तल गहनतम...
तू इन्द्रियों को पाक बनाते हुए रे चल।
तू इन्द्रियों को पाकबनाते हुए रे चल।जीवन सुवास अपनीफैलाते हुए रे चल ।।उठ...
हम है भोले बच्चे,जीवन में हैं सच्चे।
हम है भोले बच्चे,जीवन में हैं सच्चे।पवित्र हमारा तन मन,हम घड़े हैं कच्चे ।।...
ओऽम् बोलो ओऽम् साथी: यहां कौन?
ओऽम् बोलो ओऽम् साथी: यहां कौन?हर सुबह शाम जपलो ओम् नाम ।। टेक ।।
ओऽम् है...
ब्रह्म में सिमटकर यहां भी रह सकेगा।
ब्रह्म में सिमटकर यहां भी रह सकेगा।यहां भी रह सकेगा वहां भी रह सकेगा।।...
प्रेय ससीम तू जी,श्रेय असीम तू जी।
प्रेय ससीम तू जी,श्रेय असीम तू जी।रोटी कपड़ा मकान,प्रेय बस तीन तू जी।। टेक...
ब्रह्म युजित उन्मुक्त तू हो जा धरती वासी रे।
ब्रह्म युजित उन्मुक्ततू हो जा धरती वासी रे।। टेक ।।देश देश ना...
ब्रह्म से बिछडकर कहां रह सकेगा।
ब्रह्म से बिछडकरकहां रह सकेगा।यहां रह सकेगा,न वहां रह सकेगा ।। टेक ।।
सदा साथ है...
आगे बढ़ इन्सां ज्ञान की गोद में
आगे बढ़ इन्सां ज्ञान की गोद में,ज्ञान कर्म योग में।क्या रहा बाकीदुनियावी भोग में।...
सुबह दुहो शाम दुहो
सुबह दुहो शाम दुहो,प्रभात दुहो मध्याह्न दुही ।।१।।
ब्रह्म तो अमृत अनन्त है,हर पल हर क्षण ज्ञान दुहो...
संगच्छध्वं संवदध्वं सं वो मनांसि जानताम् ।
संगच्छध्वं संवदध्वं संवो मनांसि जानताम् ।देवा भागां यथा पूर्वेसंजानाना उपासते ।।
समानी व आकूतिःसमाना हृदयानि...
धर्मयुक्त नेक रहें, मन्त्र एक निज विरोध तजें
धर्मयुक्त नेक रहें, मन्त्र एक।निज विरोध तजें,सम अन्तःकरण हों ।। टेक ।।
हविष्य समान...











