Arya Samaj bhajan

जो नअष्ट धर्म को कर्ता है

जो नअष्ट धर्म को कर्ता है जो नअष्ट धर्म को कर्ता है,उस नअष्ट धर्म भी कर्ता है। जो धर्म की रक्षा कर्ता...
कोटि-कोटि धन्यवाद तुझे भगवन् कोटि-कोटि धन्यवाद तुझे भगवन्साथ तू सभी के रहे जनम जनमसारे जगत् का हितैषी सखानि:स्वार्थ न्याय युक्त सर्वहितकारी...
तुम हो प्रभो चाँद मैं हूँ चकोरा तुम हो प्रभो चाँदमैं हूँ चकोरातुम हो कमल फूलमैं हूँ रस का भौंरातुम हो...
विचारों को वश में रखिये विचारों को वश में रखिये,"वो आपके शब्द बनेंगे", शब्दों को वश में रखिये,"वो आपके कर्म बनेंगे", कर्मों को...
हे इन्द्र परमेश्वर ! ज्ञान दे प्रज्ञान दे हे इन्द्र परमेश्वर !ज्ञान दे प्रज्ञान देशुचि सद्बुद्धि भीयज्ञमय निष्काम देप्रज्ञा-प्रज्ञान जैसेदेता पिता...
यज्ञ कर यज्ञ कर, प्रतिदिन यज्ञ कर यज्ञ कर यज्ञ करप्रतिदिन यज्ञ करबन जाएगा अग्नि समानहो जाएगा तू भी महान्यज्ञ करते...
स्वार्थी हुआ प्रेम का नाता। स्वार्थी हुआ प्रेम का नाता।अब सच्चा वाला प्रेम कहाँ?पूजे जाते थे पशु पक्षी जहाँ।अब वो गोपालक...
ब्रह्मचारी को चाहिए धर्मी ब्रह्मचारी को चाहिए धर्मी,तन पर उबटन लावे ना।आंखों में ना काजल लावे,जूता पहन के जावे ना।काम,क्रोध,मद,लोभ छोड़...
दया कर दया कर, प्रभु हर घड़ी दया कर दया कर, प्रभु हर घड़ीकरे पल में हल तू ही, मुश्किल घड़ी तेरा...
आओ हम अग्नि राजा की आओ हम अग्नि राजा कीतेजोमय शरण में जाएँराजा की है निराली शानप्रजा के काम जो...
मेरे मयूर मन के आनन्द धन तुम्हीं हो। मेरे मयूर मन केआनन्द धन तुम्हीं हो।आराध्य प्रभु तुम्हीं हो,शोभा सदन तुम्हीं हो।। ।।अन्तरा।।हैं...
स्वस्ति स्वस्ति पथिकृत के स्वस्ति स्वस्ति पथिकृत केले चल हमको सत्यपथ पेदूर कर दे अघ-तम कोहे गुरु !आके सन्सार मेंभूले-भटके मार्ग...