Arya Samaj bhajan
देह की देहरी के पुजारी सभी
देह की देहरी के पुजारी सभी,प्राण का कोई सेवक मिला ही नहीं ।भावनाएँ कुँवारी रहीं...
लेके हृदय में अंगार
लेके हृदय में अंगार, करने युवकों को तैयार,गांव और नगरी में आया, है आर्य वीर दल।।
१. छाई...
ऐ मेरे मन-"मोहन", मधुरस तू पी
ऐ मेरे मन-"मोहन", मधुरस तू पीयज्ञ भावनाएँ जागीं, लहरें उठींमिश्री-शहद हुए फीकेजब मन में श्रद्धा...
ऐ मन मेरे, मेरे क्या है तेरी अब इच्छा
ऐ मन मेरे, मेरे,क्या है तेरी अब इच्छापालन यम-नियमों का कर लेमन...
यज्ञ में जब कभी उसे बुलाओगे
यज्ञ में जब कभी, उसे बुलाओगेजब भी गाओगे - वेद मन्त्रों सेतुम उसे, उस जगह...
ओ३म् मधु रस प्याला मुझमें भर जाये
ओ३म्, बोलो ओ३म्ओ३म्, बोलो ओ३म्ओ३म्, बोलो ओ३म्ओ३म्, बोलो ओ३म्
ओ३म् मधु रस प्यालामुझमें भर जायेधुल...
तू काहे करे अभिमान
तू काहे करे अभिमानखिलौने माटी के (1)है वक्त बड़ा बलवान्खिलौने माटी के
सुख में तो तुझे गले लगाएदुःख...
धन्य तेरी करतार कला का
धन्य तेरी करतार कला का,पार नहीं कोई पाता हैधन्य तेरी करतार कला का,पार नहीं कोई पाता...
जिसके मन में बसी बुराई
जिसके मन में बसी बुराईउसे सुहाती नहीं भलाई??? रग पर हे जीवों ने पर ज्यों ???गड़बड़...
प्राणपति मेरे प्राणों के पूजा तुम्हारी का इच्छुक
प्राणपति मेरे प्राणों केपूजा तुम्हारी का इच्छुकअपने सञ्जीवन से कर दोजीवन मेरा उज्जीवित...
एक बार हरी बोलो मन रसना (1)मानव देहार गोईरब कोइरोह ना(एक बार हरी बोलो मन रसना,मानव देह का अभिमान मत...
यह भी कैसा मनचला है।
यह भी कैसा मनचला है।छेद कर अपनी ही नांव मेंकरने दरिया पार चला है।
न आब रहा,...











