सत्ता तुम्हारी भगवन् जग में समा रही है।
सत्ता तुम्हारी भगवन् जग में समा रही है।
सत्ता तुम्हारी भगवन् जग में समा रही है।तेरी दया सुगन्धि हर गुल से...
ईश महिमा
सत्ता तुम्हारी भगवन् जग में समा रही है।तेरी दया सुगन्धि हर गुल से आ रही है।रवि चन्द्र और तारे...

