वैदिक भजन

सबसे अच्छा परहित काम

सबसे अच्छा परहित काम सबसे अच्छा परहित काम,परहित करे वही इन्सान ।मानव में बसे भगवान,मानव सेवा पुण्य का काम ।। खुद जैसा...
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ऐ ब्रह्मानन्द अपने निकटतम कर ले। ऐ ब्रह्मानन्द अपनेनिकटतम कर ले।साधक रहा हूंमैं साधक ही रहूंगा। टेिक ।। धन-दौलत लोगों नेंअपार है...
सूरज को लाख हैं आदाब ! सूरज को लाख हैं आदाब !हर इन्सान के लिए,वह रात बीज से,दिन अंकुरित करता है। उम्र...
प्रभाती सूरज का रंग कितना पलाश है। प्रभाती सूरज का रंगकितना पलाश है।हर उगन कितनी-कितनी पाश है ।। १ ।। ब्रह्म से...
हे सृष्टि के कण-कण में प्रभु का प्यार पगे। हे सृष्टि के कण-कण में,प्रभु का प्यार पगे।जनम से लेके, मरण तलक...
पर उपकार धर्म श्रृंगार पर उपकार धर्म श्रृंगार,जीवन का आधार है।सुख जीवन पूर्व हैं तोसुख ही जीवन पार है।। टेक ।। सत्संग...
ओऽमु जाप है लांसानी ओऽमु जाप है लांसानी,अनहद नाद है रुहानी।ब्रह्म जीव से जुड़ा है,फिर भी जीव करे नादानी ।। टेक...
ना में यश चाहूं, ना मैं वित्त चाहूं ना में यश चाहूं, ना मैं वित्त चाहूं,ना मैं मद चाहूं।स्वयं में ब्रह्म...
राह सीधी ज्ञान की मानव उत्थान की। राह सीधी ज्ञान की,मानव उत्थान की।कर ले रे आदमी चाहओऽम् पान की। टिक ।। आगे...
भूख नियत ना है सब के लिए। भूख नियत ना है सब के लिए।मृत्यु नियम तो है सब के लिए ।।तो...
ओऽम् रस पगा पगा ओऽम् रस पगा पगा,सृष्टि का चप्पा चप्पा।जो समझा उसे जग,रस परिपूर्ण मिला। ।टेक ।। ब्रह्म सर्वव्यापकता का,क्या ही...
मिल के जी ले रे संगी मिल के जी ले रे संगी,खिल के जीले रे संगीबढ़ के जी ले रे संगी,पढ़...