वैदिक भजन
हे अग्ने !! तेजोमय विश्वपति, हम हैं मूढ़ तुम महाज्ञानी सुधी
हे अग्ने !! तेजोमय विश्वपति !!हम हैं मूढ़ तुम महाज्ञानी...
रस से आर्द्र करने वाले सोम प्रभु हे मेरे चाँद
रस से आर्द्र करने वालेसोम प्रभु हे मेरे चाँदभक्ति रस का...
हम प्रातः काल में हे दाता !
हम प्रातः काल में हे दाता !तेरा ही ध्यान लगाते हैं
मध्य काल में भी...
ब्रह्माण्ड की, जब थी ना सत्ता
ब्रह्माण्ड की, जब थी ना सत्ताएक रस में थी, तेरी ही महत्ताबिन बाधित रहेगी सत्ताचलती...
जो नष्ट धर्म को करता है
जो नष्ट धर्म को करता है,उसे नष्ट धर्म भी करता है।
जो धर्म की रक्षा करता...
सबको मीठे वचन सुना कर मन में हर्षित होना
सबको मीठे वचन सुना करमन में हर्षित होनाबोल के कड़वे शब्दकिसी का...
विद्वानों का मान नहीं, और मूर्ख का सत्कार जहां।
विद्वानों का मान नहीं,और मूर्ख का सत्कार जहां।दुख ही दुख नित बढ़ते...
मन के नैनों से बाट निहारे
मन के नैनों से बाट निहारेप्यासा मन कित जाए ?ना अन्तर्मन में तुझे देखाकिसको दोष...
तू स्तुत्य बना है मेरा,और मैं हूँ स्तोता तेरा
तू स्तुत्य बना है मेराऔर मैं हूँ स्तोता तेराइच्छाएँ पूर्ण तू कर...
कोई प्रभु-भक्त है तो विद्वान् नहीं
कोई प्रभु-भक्त है तो विद्वान् नहीं,कोई विद्वान् है तो योगी नहीं,कोई योगी है तो सुधारक...
रेत पवन के संग मिलने पर, नभ मंडल में जाता है।
रेत पवन के संग मिलने पर,नभ मंडल में जाता है।पानी...
प्रभु पर जिसने ऐतबार किया
प्रभु पर जिसने ऐतबार किया,खुशियों ने उससे प्यार कियाकृपा उस पर ईश्वर की रहीजिसने उत्तम व्यवहार...











