पिछाननी

भारती की भीड़ पाप-पीड़ को पिछाननी धीर

दयानन्द बावनीकवि : दुलैराय काराणी मलय के समीर थे भारती की भीड़ पाप-पीड़ को पिछाननी धीर।वीर दयानन्द गुण-सागर गंभीर थे।। प्यारे वेदोंवाले सारे...
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