उलूक

सत्य को प्रकाश न सोहात अन्ध उलूक को।

दयानन्द बावनीकवि : दुलैराय काराणी सहिष्णुता सत्य को प्रकाश न सोहात अन्ध उलूक को।असत्य-निवास अन्धकार वास जाको है।। सत्यनिष्ठ स्वामीजी ने केते-केते...
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