सुन ले धरकर ध्यान मेरी
सुन ले धरकर ध्यान मेरी,
यह सब बातें हनुमान मेरी।
श्रीराम से जाकर कह देना।
ना खाना ना पीना है,
बिन आपके मुश्किल जीना है।।
श्रीराम से जाकर कह देना ।।1।।
लंका में रहता है तन,
और आपके चरणों में रहे मन।
श्रीराम से जाकर कह देना।।2।।
मछली जैसे बिना पानी,
सीता की ऐसे जिन्दगानी।
श्रीराम से जाकर कह देना।।3।।
मेरे सारे बदले लें,
और दण्ड दुष्ट दावण को दें।
श्रीराम से जाकर कह देना।।4।।
अब न ज्यादा देर करें,
लंका का ढाकर ढेर करें।
श्रीराम से जाकर कह देना।।5।।
यदि कुछ देर लगायेंगे,
मुझे जिन्दी न पायेंगे।
श्रीराम से जाकर कह देना।।6।।
जुल्मो सितम की हद हो ली,
अन्याय अधर्म की होली।
श्रीराम से जाकर कह देना ।।7।।
बस यही आज एक काम मेरा,
पूरा कर ‘शोभाराम’ मेरा।
श्रीराम से जाकर कह देना ।।8।।










