सुख स्वरूप देवता,आ करें तेरी पूजा

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सुख स्वरूप देवता,आ करें तेरी पूजा

सुख स्वरूप देवता
आ करें तेरी पूजा
प्रेरणा तू ऐसी दे
जैसी पाएँ देवता
सुख स्वरूप देवता
आ करें तेरी पूजा

देता तू ही आत्मस्वरूप
दृष्टि करुणामयी
आत्म-शक्तिहीन को
देता आत्मबल तू ही
है तेरे नियम अटल
तोड़ ना कोई सका
सुख स्वरूप देवता
आ करें तेरी पूजा

है प्रकष्ट शासन
जिसमें प्राणी रह रहे
अग्नि वायु सूर्य पृथ्वी
दिव्य कर्म कर रहे
अधिपति हमारा वो
हम उसकी प्रजा
सुख स्वरूप देवता
आ करें तेरी पूजा

इस जगत् में भोग है
जिसमें ना सन्तोष है
क्षणिक भोग का ही कारण
मृत्यु रूप शोक है
ईश शरण अमृतमय
बने दु:ख की दवा
सुख स्वरूप देवता
आ करें तेरी पूजा

आओ शरण प्रभु की पाएँ
गायें प्रभु महिमा
जिसकी छाया में अमृत है
दया ममता करुणा
आत्मत्याग से जगे
पूजन की भावना
सुख स्वरूप देवता
आ करें तेरी पूजा
प्रेरणा तू ऐसी दे
जैसी पाएँ देवता
सुख स्वरूप देवता
आ करें तेरी पूजा