सृष्टि तेरे है सहारे नैन निहारें

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सृष्टि तेरे है सहारे नैन निहारें

सृष्टि तेरे है सहारे
नैन निहारें – तेरी महिमा
कर्म तेरे न्यारे-न्यारे
सृष्टि तेरे है सहारे

भूलोक में हम करते निवास
अन्तरिक्ष में है मेघ
आकाश में चन्द्र करता है यात्रा
उपग्रह भी हैं अतिरेक
द्युलोक में आदित्य चमकता
करता प्रभु देख-रेख
सृष्टि तेरे है सहारे
नैन निहारें – तेरी महिमा
कर्म तेरे न्यारे-न्यारे
सृष्टि तेरे है सहारे

मह: जन: तप: और सत्यम्
द्युलोक से है ऊपर
जिसमें चमकते लाखों तारे
पहुँच भी है दूभर
बारह राशियों का है राशि चक्र
सब महिमा सुस्वर है
सृष्टि तेरे है सहारे
नैन निहारें – तेरी महिमा
कर्म तेरे न्यारे-न्यारे
सृष्टि तेरे है सहारे

द्युलोक, भूलोक, अन्तरिक्ष में
बहुमूल्य वस्तु अनेक
सूर्य तारों में रश्मियाँ अनेक
ताप-गैसें हैं अतिरेक
जल, वायु, वनस्पति, माणिक्य, मोती
जिसका वह स्वामी एक
सृष्टि तेरे है सहारे
नैन निहारें – तेरी महिमा
कर्म तेरे न्यारे-न्यारे
सृष्टि तेरे है सहारे

इन्द्र प्रभु का परोपकार रूप
सोमामृत के हैं लक्षण
इन्द्र प्रभु का करें धन्यवाद
कर दें खुद का समर्पण
अपनी कृतज्ञता-प्रकटिकरण से
करें उससे संगतिकरण
सृष्टि तेरे है सहारे
नैन निहारें – तेरी महिमा
कर्म तेरे न्यारे-न्यारे
सृष्टि तेरे है सहारे