श्रद्धा की भेंट लेकर आया हूँ द्वार तेरे

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श्रद्धा की भेंट लेकर आया हूँ द्वार तेरे

श्रद्धा की भेंट लेकर आया हूँ द्वार तेरे
यह भेंट मेरी भगवन् स्वीकार कीजियेगा।
श्रद्धा की भेंट लेकर………..

१. कितने ही बेबसों की बिगड़ी बनाई
तूने मेरा भी दीनबन्धु उद्धार कीजियेगा।
श्रद्धा की भेंट लेकर………..

२. लाचार ज़िन्दगी को तेरा ही आसरा है
प्राणों में प्रेरणा का संचार कीजियेगा।
श्रद्धा की भेंट लेकर…………

३. मैं प्यार का भिखारी बस प्यार माँगता हूँ
तू प्यार का है सागर तो प्यार कीजियेगा।
श्रद्धा की भेंट लेकर…………

४. करुणानिधान करुणा तेरा स्वभाव ही है
अपने स्वभाव जैसा व्यवहार कीजियेगा।
श्रद्धा की भेंट लेकर………..

५. तेरे बगैर दाता किस को यहाँ पुकारूँ
सुनकर पुकार प्रभु जी उपकार कीजियेगा।
श्रद्धा की भेंट लेकर……

६. कब से ‘पथिक’ भँवर में मैं छटपटा रहा हूँ
संसार के खिवैया भव पार कीजियेगा।
श्रद्धा की भेंट लेकर………..