साथ ले लो पिता, आगे बढ जाऊँगा

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साथ ले लो पिता, आगे बढ जाऊँगा

साथ ले लो पिता, आगे बढ जाऊँगा
वरना सम्भव है मैं भी फिसल जाऊँगा

राहें चिकनी खड़ी और पथरीली है
काँटों झाड़ी भरी और जहरीली हैं
दो सहारा कि इनमें मैं फँस जाऊँगा
वरना सम्भव है मैं भी फिसल जाऊँगा

भोग विषयों की उठती हैं इक-इक लहर
मुझको उलझा डुबाने चली हर प्रहर
दे दो पतवार, वरना न तर पाऊँगा
वरना सम्भव है मैं भी फिसल जाऊँगा

दुनिया इस ओर कहती हैं आ मौज ले
पर उधर धर्म कहता है दुःख मोल ले
तुम कहोगे मुझे जैसा कर पाऊँगा
वरना सम्भव है मैं भी फिसल जाऊँगा

सत्य कहता हूँ भूला जभी मैं तुम्हें
पायी दूनिया मगर एक न पाया तुम्हें
बिन तुम्हारे मैं आखिर किधर जाऊँगा
वरना सम्भव है मैं भी फिसल जाऊँगा
साथ ले लो पिता, आगे बढ जाऊँगा
वरना सम्भव है मैं भी फिसल जाऊँगा