सारी दुनिया बदल रही
सारी दुनिया बदल रही
तुम भी बदलो कुछ ध्यान करो।
देश वासियो अपने देश का मिलकर
नव निर्माण करो।।
हवा के साथ उड़ाने ले रहे
आज सभी दुनिया वाले।
मगर आप किस्मत को रो रहे
क्यों नीची गर्दन डाले ।।
भाग्य को रोने वाले अब,
पुरुषार्थ का गाना गाले।
नई रोशनी नया जमाना
नया रास्ता अपनाले ।।
भाइयों बहनों बच्चों बूढ़ों
साहस कुछ नौजवान करो ।।1।।
एक पिता के पुत्र हैं हम सब
घर परिवार एक ही है।
बड़े छोटे ऊंचे नीचे पर
पिता का प्यार एक ही है।।
एक देश एक भेष और भाषा
ब्रह्म आधार एक ही है।
सबकी जीत एक ही है,
हम सबकी हार एक ही है।।
आपस में लड़ कर क्यों
इस देश का तुम नुकसान करो।।2।
अपनी कष्ट कमाई को बेकार
ना यूं ही लुटाओं तुम।
परोपकार में तन मन धन दो,
देश को स्वर्ग बनाओं तुम।
गलियों में खंड़जें कुँए जोहड़
सब रास्ते ठीक कराओ तुम ।।
गाँव से दूर खाद के गढ्ढों में
कूड़ा डलवाओ तुम ।।
सबसे बड़ा दान है यह सब
मिल करके श्रमदान करो।।3।।
लड़कों में और लड़कियों में
उत्तम शिक्षा प्रसार करो।
अच्छे ढंग से खेती करके
ज्यादा पैदावार करो।।
सबकी उन्नति में है उन्नति
सब आपस में प्यार करो।
देख दुखी का दुःख दुखी हो
उत्तम शिष्टाचार करो ।।
शोभाराम शिरोमणि देश का
दुनिया में स्थान करो।।4।।
सच्चा सुख
निज पुरूषार्थ के फल पर
पूर्ण सन्तोष करो भ्राता,
वही व्यवहार करो औरों से
जो व्यवहार तुम्हें भाता ।।
जिनका सद्व्यवहार है
उनका जग विश्वास करे,
सत्य पर चलने वाला ही
आनन्द सुखद सुख को पाता।।
जब तक जीवो सत्य कर्म
पुरूषार्थ सदा करते जाओ,
प्राणी मात्र से प्रेम करो
तुम बन जाओ रक्षक त्राता ।।
यज्ञ व्याप्त परमेश्वर सम,
सकल जगत उपकारक है,
करो नही आलस्य, प्रभु से
जोड़ो तुम अपना नाता ।।










