संगठन हम करें, आपदों से लड़ें
संगठन हम करें,
आपदों से लड़ें,
हमने ठाना।
हम बदल देंगे सारा जमाना।
आर्यवीरों ने यह राग गाया,
वैदिक राज्य का डंका बजाया।
हम जिएं या मरें, छल बलों से लड़ें,
हमने ठाना।
वीर प्रताप के शेर जागो,
वीर बन्दा की शमशेर जागो।
बज रहा है बिगुल, नौजवाँ,
तू निकल, रण में जाना ॥
शेर शिवराज की तेग खड़के,
ध्वनि हर-हर महादेव भड़के।
शक्ति हो साथ में,
ओ३म्ध्वज हाथ में, बढ़ते जाना ॥
चाहे आँधी या तूफान आए,
वर्षा ओले या बादल हों छाए।
हम रुकेंगे नहीं, और झुकेंगे नहीं,
बढ़ते जाना।










