सागर उमड़े,लहरें गीत सुनायें
सागर उमड़े,
लहरें गीत सुनायें
याद प्रभु की आये
नैना भर आये
सागर उमड़े
लिपट लिपट कर लहरें घूमें
बढ़-बढ़ कर साहिल को चूमें
प्राण पियारे,
मन में लहर उपजाये
याद प्रभु की आये
नैना भर आये
सागर उमड़े,
लहरें गीत सुनायें
याद प्रभु की आये
नैना भर आये
सागर उमड़े
भोर भए पंछी मिल गायें
अपने हृदय की प्रीत जतायें
डाल-डाल पर
चहक चहक हर्षायें
याद प्रभु की आये
नैना भर आये
सागर उमड़े
उमड़ घुमड़ कर बादल बरसे
इक-इक बूँद को जियरा तरसे
प्रेम अनन्त है
कृपा अनन्त बरसाये
याद प्रभु की आये
नैना भर आये
सागर उमड़े,
लहरें गीत सुनायें
याद प्रभु की आये
नैना भर आये
सागर उमड़े
टेर सुनो प्रभु व्यथित हृदय की
सीमा ना बाँधी प्रेम समय की
क्यों ना आके
मुझको हृदय से लगाये
याद प्रभु की आये
नैना भर आये
सागर उमड़े,
लहरें गीत सुनायें
याद प्रभु की आये
नैना भर आये
सागर उमड़े










