सदाचार का शासन भारत की धरती पर आएगा।
सदाचार का शासन भारत
की धरती पर आएगा।
चाहे जितना जोर लगाले
रोक नहीं कोई पाएगा।
ऋषियों की भूमी पर भ्रष्टाचार
नहीं चल पाएगा।। टेक ।।
देशभक्ति फिर भर जाएगी
सारे वीर जवानों में।
एक से बढ़कर एक ये लेंगे
रुचि सदा बलिदानों में।
हरेक वीर जवान को वीर
सुभाष बनाया जाएगा ।। १ ।।
नशों और विषयों से देश
के वासी मुक्ति पाएंगे।
देशभक्ति के गीतों से
ये सारा देश गुंजाएंगे।
भगतसिंह सुखदेव सावरकर
का रंग सब पर आएगा ।।२।।
खून खराबे अत्याचार का
ना लेगा कोई नाम यहाँ।
अन्याय और अनाचार
का होगा पूर्णविराम यहां ।
भारत की भुमी को फिर
से स्वर्ग बनाया जाएगा ।।३।।
चलेगा न आतंकवाद
अलगाववाद इस धरती पर।
कोई काला दाग न होगा
इसकी उज्वल तख्ती पर।
प्रेम प्यार भाईचारे का
दीप जलाया जाएगा ।।४।।
ना होगा अज्ञान कहीं और
चलेगा न पाखण्ड यहां।
देशभक्तों की टोली में कोई
होगा ना जयचन्द यहां।
पुरखों के सपनों को फिर
साकार बनाया जाएगा ।। ५।
खानपान निर्मल होगा
निर्मल होगा व्यवहार यहां।
पवित्र धरती भारत मां की
टिके नहीं गद्दार यहां।
भारत मां की जय का फिर
जयघोष लगाया जाएगा ।। ६ ।।
कोई किसी से द्वेष और
नफरत कभी न दिल में पालेगा ।
हिन्दू मुस्लिम सिक्ख ईसाई
सब को गले लगा लेगा।
सबको श्रेष्ठ बना लेगा,
सबको आर्य बना लेगा।
भारतवर्ष का ध्वज फिर
सारी दुनियां पर लहराएगा ।। ७










