सब मिल के दियो बधाइयाँ (जात कर्म संस्कार पर मिलकर गाने के लिए)
सब मिल के दियो बधाइयाँ
सब मिल के दियो बधाईयाँ
१. औस प्रभु ने वेल बधाई कीती हैं
अज सफल कमाई।
शुभ घड़ियों दिखलाईयाँ ।।
सब मिल …….
२. जुम जुग जीवे बाल प्यारा।
माता-पिता दे अखां दा तारा।
उमरां होन सवाईयां ।।
सब मिल……….
स्वर्ण सलाई मधु मँगाया,
जिह्वा पर लिखा ॐ।
वेदों के रीति-रिवाजों का
उत्सव मनाया जाता है।
सब मिल…….
४. जिस देवी ने बालक जाया,
उस पर राखे ईश्वर साया।
होवन दूर बलाईयाँ।।
सब मिल………
५. नारियां मिल अज मंगल गावन,
वारने कर कर शगन मनावन।
मामियाँ चाचियाँ ताईयाँ।।
सब मिल…….
६. कैसा सुन्दर यज्ञ रचाया,
दान पुण्य भी खूब कराया।
कीतियाँ सफल कमाईयाँ।।
सब मिल ………
आने का दिन एक है,
जाने का दिन एक।
इन दो दिनों के बीच में
काम करो कोई नेक।










