सब खुदा बन गये जमाने में
सब खुदा बन गये जमाने में,
कोई बन्दा नजर नहीं आता।
हाले दिल किस को सुनाएं,
कोई सुनने वाला नजर नहीं आता।।
देश भारत की खुदा खैर करे,
हाल अच्छा नजर नहीं आता।
कोई महफिल तो बता ऐसी,
जिसमें झगड़ा नजर नहीं आता।।
कान्फ्रेन्सें तो रोज होती हैं,
काम होता नजर नहीं आता।
कहने वाले तो हजारों देखे,
करने वाला नजर नहीं आता ।।
खुद बुरे हैं जो “मुसाफिर” उनको,
कोई अच्छा नजर नहीं आता।










