प्यारी प्यारी है जोवन डगरिया
प्यारी प्यारी है जोवन डगरिया
सिर बांधो ना भारी गठरिया
तूझे जाना है दूर नगरिया
कई जन्मों से तू तो चला है
लक्ष तेरा ना तुझको मिला है
पथ उलटा गहा, दुःख भी सुख
सा सहा फटी तन रुपी तेरी चदरिया ।।१।।
कुछ भार को हलका तू कर दे
या घर से ही पहिले तू चल
दे जो तू जल्दी चले,
तूझे मंजिल मिले तेरी
भर जाये रिति गागरिया ।।२।।










