पुरुषार्थ कर ले, जीवन सुख से भर ले

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पुरुषार्थ कर ले, जीवन सुख से भर ले

पुरुषार्थ कर ले
जीवन सुख से भर ले
आलस्य को दूर
सदा मन से हर ले
पुरुषार्थ कर ले
जीवन सुख से भर ले

जो वेदानुसार हो
वह कर्म मन में धर ले
जीवन बीता जाए
इस जीवन में कर ले
तू कर प्राप्त सौभाग्य
पुरुषार्थ कर ले
पुरुषार्थ कर ले
जीवन सुख से भर ले

जितेन्द्रिय स्त्री-पुरुषों
आपस में मिलके
ऐश्वर्य उपभोग करो
तृप्त रहके
तो उत्तम सन्तानों
को उत्पन्न कर ले
पुरुषार्थ कर ले
जीवन सुख से भर ले

उत्तम रीति से
स्तुतियाँ ईश्वर की कर ले
प्रजा द्रव्य बढ़ाकर
प्रजा रक्षित कर ले
बायें हस्त पुरुषार्थ
विजय दाएँ में धर ले
पुरुषार्थ कर ले
जीवन सुख से भर ले

करो नाश रिपुओं का
मित्र प्राप्त कर लो
सम्पादन करो
प्रजा-धन और आगे बढ़ लो
प्रभात सूर्यसम प्रीति
युक्त खुद को कर ले
पुरुषार्थ कर ले
जीवन सुख से भर ले

कर्मण्यता और पुरुषार्थ
है सार्थक
पुरुषार्थी के होते
विद्वान मित्रवत्
पुरुष है तू रख याद
पुरुषार्थ कर ले
पुरुषार्थ कर ले
जीवन सुख से भर ले

हे राजन् !
दया ना प्रमादी पे करना
उसे दण्ड देकर
सचेत ही करना
मगर जो हैं पुरुषार्थी
उन्हें यश-बल दे
पुरुषार्थ कर ले
जीवन सुख से भर ले
आलस्य को दूर
सदा मन से हर ले
पुरुषार्थ कर ले
जीवन सुख से भर ले