प्रार्थना प्रार्थी की सुन चरणों में ले ले
प्रार्थना प्रार्थी की सुन
चरणों में ले ले
सबकी चारों ओर से
सुनता अकेले
प्रार्थना प्रार्थी की सुन
चरणों में ले ले
तू सभी शुभ कामनाएँ
पूर्ण करता
याचना सुन ले प्रभु
हों दूर अन्धेरे
सबकी चारों ओर से
सुनता अकेले
प्रार्थना प्रार्थी की सुन
चरणों में ले ले
तू जिसे चाहे
उसे पूर्ण दृढ़ बना दे
फिर उसे लगते नहीं
जग के थपेड़े
सबकी चारों ओर से
सुनता अकेले
प्रार्थना प्रार्थी की सुन
चरणों में ले ले
कोई शक्ति शत्रु
हावी हो ना सके
लाख दु:ख सताए
तो भी हंस के झेले
सबकी चारों ओर से
सुनता अकेले
प्रार्थना प्रार्थी की सुन
चरणों में ले ले
लोभ लालच भी
गिरा सकते नहीं
गर बना तू दृ़ढ़ मुझे
हे इन्द्र ! मेरे
सबकी चारों ओर से
सुनता अकेले
प्रार्थना प्रार्थी की सुन
चरणों में ले ले
तू अभेद्य अछेद्य
कर मुझे हे मघवन्!
मेरी जीत का भार
निज हाथों में ले ले
सबकी चारों ओर से
सुनता अकेले
प्रार्थना प्रार्थी की सुन
चरणों में ले ले










