दुनियाँ का वाली
(तर्ज-चली मेरी दुल्हन की डोली)
प्रभु तू है दुनियाँ का वाली।
झूम के डाली डाली
गाती है कोयल काली।
प्रभू तू है……….
१. जगती भरके सब जीवों को
हर हाल प्रभु संभालता है।
हाथी ही नहीं चींटी को भी
भगवान् तू ही पालता है।
जैसे कोई बगिया का माली।
प्रभू तू है………..
२. दिन रात नियम में बाँध दिये
मज़बूत तुम्हारे पहरे हैं।
नभ में सूरज जल में धरती
इक तेरे सहारे ठहरे हैं।
तूने सारी दुनियाँ संभाली।
प्रभू तू है………..
३. हर एक जगह मौजूद है तू पर
नज़र कहीं पे आए न।
संसार में तू सब को देखे पर
देख तुम्हें कोई पाए न।
दाता तेरी महिमा निराली।
प्रभू तू है………..
४. मन प्रेम के जल से धो कर के
जो द्वार तुम्हारे तेरे आते हैं।
अपनी अपनी झोली भरते
सुख सम्पत्तियाँ सब पाते हैं।
जाए न ‘पथिक’ कोई ख़ाली।
प्रभू तू है……










