प्रभु मेरे जीवन का उद्धार कर दो
प्रभु मेरे जीवन का,
उद्धार कर दो,
भंवर में है नैया,
इसे पार कर दो।। टेका।
प्रभु..
मेरी इन्द्रियाँ हो सदा,
मेरे वश में,
मेरे मन पे मेरा ही,
अधिकार कर दो ।।१।।
प्रभु..
ना शुभ कर्म करने से,
मैं पीछे रहूँ,
कुकर्मों से मुझको,
खबरदार कर दो ।।२।।
प्रभु……
मैं गाऊं सदा,
वेद की ही ऋचाएँ,
तन-मन में वेदों का,
संचार कर दो ।।३।।
प्रभु……
“पथिक” राह में हो,
कोई दीन-दुःखिया,
मदद के लिए मुझको,
तैयार कर दो ।।४।।
प्रभु…..










