प्रभु का भजन
प्रभु का भजन ना किया
ये जीवन गंवा दिया।
पापों का दमन न किया…..
जिंदगी में जिंदगी,
जिंदगी बनाने को।
जिंदगी की बगिया को
फूलों से सजाने को।
कुछ भी यतन न किया, ये जीवन……
आवागमन में ही बीत गई सदियां।
सदियों में सैकड़ों कमाई तूने बदियां
सन्ध्या हवन न किया…
विषयों में विषभरी
पी पी के प्यालियां।
उम्र भर सजाता रहा
नर्क की ही नालियां।
शुद्ध आचरण न किया…….
कहां से तू आया है
कहां से तू जायेगा।
तुझे कौन बेमोल रस्ता बतायेगा।
इस पर मनन न किया…….










