प्रभु जनम जनम के साथी रे

0
21

प्रभु जनम जनम के साथी रे

तर्ज: मैं तो जन्म जन्म की प्यासी रे

प्रभु जनम जनम के साथी रे
तेरे दीपक की जलती मैं बाती रे ॥ प्रभु जनम…

मेरे मन में तेरा ही ओ३म् नाम है
मेरे जीवन का यही वरदान है
तेरे ही कारण मिला ये नरतन
मन भावन अविनाशी ॥ प्रभु जनम…

मेरे होठों पे प्रभु तेरे गीत हैं
इन्हीं गीतों में तेरा संगीत है
मन के तार बजे तो रसना
गीत तेरे ही गाती ॥ प्रभु जनम…

मेरी नैया खिवैया संग जा रही
और जीवन लक्ष्य को पा रही
दूर किनारा फिर भी ना चिन्ता
क्योंकि प्रभु हैं माँझी ॥ प्रभु जनम…

तेरे चरणों की प्रभु मैं धूल हूँ
खिलने को जो तरसे वो फूल हूँ
फूल तो मैं तेरी बगीया का
जीवन मेरा माटी ॥ प्रभु जनम…

(रसना) जिह्वा, जीभ, जवान (खिवैया) नाव को पार लगानेवाला