प्रभु चरणों में, बैठ श्रद्धा से

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प्रभु चरणों में, बैठ श्रद्धा से

प्रभु चरणों में, बैठ श्रद्धा से
अपना मन चित्त, हृदय सजा
यह जीवन अनमोल तेरा
यह जीवन अनमोल तेरा
प्रेमाश्रु से, गद्-गद् होकर
निशदिन गीत, प्रभु के गा
यह जीवन अनमोल तेरा
यह जीवन अनमोल तेरा

व्यर्थ चले, जीवन रथ पहिया
राग द्वेष के, दुर्गम पथ पर
हिंसक स्वार्थ, भरी वाणी से
करता टुकड़े, जीवन-रथ के
जिस वाणी का, प्रभु ना साक्षी
वाणी वह क्यों, बोले भला
यह जीवन अनमोल तेरा
यह जीवन अनमोल तेरा

या वाणी ले, नाम प्रभु का
या वाणी, चुप ही रह जाए
ऐसी वाणी, कभी ना बोलें
जो प्रभु से, हमें दूर हटाए
बचना चाहो, यदि विनाश से
मधुमय वाणी, बोलो सदा
यह जीवन अनमोल तेरा
यह जीवन अनमोल तेरा

जागो आज से, एकमात्र उस
इन्द्र प्रभु की, स्तुतियाँ कर लो
इस सन्सार के, यज्ञ में मिलकर
प्यारो! प्रभु की, भक्ति कर लो
केवल प्रभु सुख – सौभाग्य की
करता है मंगल वर्षा
यह जीवन अनमोल तेरा
यह जीवन अनमोल तेरा

सर्व समर्थ है, इक परमेश्वर
सब कुछ जो, दे सकता है
उसके सिवा ना, योग्य कोई
ना उसके जैसी, समता है
उस अनन्त सर्वशक्तिमान को
तन्मय होकर ही भजना
यह जीवन अनमोल तेरा
यह जीवन अनमोल तेरा

प्रभु चरणों में, बैठ श्रद्धा से
अपना मन चित्त, हृदय सजा
यह जीवन अनमोल तेरा
यह जीवन अनमोल तेरा
प्रेमाश्रु से, गद्-गद् होकर
निशदिन गीत, प्रभु के गा
यह जीवन अनमोल तेरा
यह जीवन अनमोल तेरा