प्रभु भक्ति में मन लगाये

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प्रभु भक्ति में मन लगाये

प्रभु भक्ति में मन लगाये
जीवन तेरा सुधर जाये
तैने विषयों में मन लगाया
हीरा जन्म था वृथा गंवाया।
जो तू विषियों से मन को हटाये
जीवन तेरा सुधर जाये।।1।।

धन माया को देख करके फूला
क्यों तू ईश्वर की भक्ति को भूला
प्रभु भक्ति जो मन में समाये,
जीवन तेरा सुधर जाये।।2।।

जिसको कहता तू मेरा
मेरा यहां कोई नहीं है तेरा
मोह ममता जो मन से हटाये,
जीवन तेरा सुधर जाये।।3।।

शोभाराम जगत है यह मेल
आया तू इकला तू जाये अकेला
जो न उस दिन को दिल से
भुलाये जीवन तेरा सुधर जाये।।4।।