प्रभु आये तेरे द्वार,नमस्कार नमस्कार ।

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प्रभु आये तेरे द्वार,नमस्कार नमस्कार ।

प्रभु आये तेरे द्वार,
नमस्कार नमस्कार ।
सब जग के आधार,
नमस्कार- नमस्कार ।
सूरज और चाँद में,
तेरा ही उजाला है।
तूने पहन रखी है,
सितारों की माला है।
महिमा अपरम्पार,
नमस्कार-नमस्कार ॥
प्रभु आये तेरे द्वार…

पर्वतों की चोटियों
को बादल हैं चूमते ।
पृथ्वी सूरज-चाँद-तारे,
सारे हैं ये घूमते ।
नियम के अनुसार,
नमस्कार नमस्कार ॥
प्रभु आये तेरे द्वार….

कोयल की कू-कू,
पंचम के स्वर में,
यही रही पुकार,
सब को है भा रही।
मधुर गीत गा रही।
नमस्कार नमस्कार ॥
प्रभु आये तेरे द्वार…

आत्मा का रथ कैसा,
सुन्दर बनाया है।
मन, बुद्धि और इन्द्रियों से,
इसको सजाया है।
अष्टचक्र नव द्वार,
नमस्कार- नमस्कार ।
प्रभु आये तेरे द्वार……….

फुलवाड़ी को देखो
कैसे फूल हैं निराले ।
नीले-पीले और गुलाबी,
कोमल खुशबू वाले।
छाई है बहार,
नमस्कार- नमस्कार ॥
प्रभु आये तेरे द्वार..

जगत जननी माँ हमें,
तेरा ही सहारा तेरे
बिना और न कोई,
जग में हमारा ॥
भव से कर दो पार,
नमस्कार नमस्कार ॥
प्रभु आये तेरे द्वार………

कहे नन्दलाल सबकी
आत्मा पवित्र हो।
काया हो निरोग
और ऊँचा चरित्र हो।
विनती बारम्बार,
नमस्कार- नमस्कार ॥
प्रभु आये तेरे द्वार………