प्रभो, शोक संताप से मुक्त कर दो।
प्रभो, शोक संताप से मुक्त कर दो।
दुःखी दिल में जगदीश्वर शांति भर दो।।
दिवंगत को कर याद आंसू निकलते।
यह संतप्त परिवार है शान्त कर दो।।
तुम्हारी व्यवस्था में क्या वश हमारा।
हमें हे पिता धैर्य साहस का वर दो।।
तुम्हें हे जगन्नाथ मस्तक झुकाते।
दुःखी आत्मा की कथा नाथ हर दो।।
हृदय वेदना से भरा तलमलाये।
सुशांति मिले ज्ञान बुद्धि अगर दो।।
कहे पाल विकराल है काल का भय।
प्रणतपाल, करुणा करो धैर्य बल दो।।
खोय। श्वांस श्वांस पर ओम् जप
वृथा श्वांस मत खोय।
क्या जाने इस श्वांस को
आवन होय न होय ।।










