पति, पत्नी का घर में, जो सच्चा प्यार हो जाये।
पति, पत्नी का घर में,
जो सच्चा प्यार हो जाये।
बहे फिर प्रेम की गंगा,
सुख नर-नार हो जाये।।
जहाँ शिक्षित हो देवी,
गृहस्थ का कार्य सुन्दर।
मधुर बोलें जहाँ देवी,
सुखी परिवार हो जाये।।
पति, पत्नी का घर में
जो सच्चा दे शिक्षा ऐसी बच्चों को,
बनें विद्वान् सब बालक।
धर्म शिक्षा का गर,
इस देश में प्रचार हो जाये ।।
पति, पत्नी का घर में
जो सच्चा न हो अपमान देवी का,
किसी भी महल मैड़ी में।
यदि आदर हो देवी का,
सुख घर बार हो जाये।।
पति, पत्नी का घर में
जो सच्चा बहू और सास का नाता,
हो पुत्री जैसे और माता।
बहू और सास का घर में,
फिर पूरा प्यार हो जाये।।
पति, पत्नी का घर में जो सच्चा ……
हॉ बेटे आज्ञाकारी,
व सारे भाई प्रेमी हों।
विवाह गुण कर्म से होवे,
सुखी संसार हो जाये।।
पति, पत्नी का घर में जो सच्चा……
नरक का द्वार जो ‘नन्दलाल’,
कहते गृहस्थ को मूर्ख।
चलें वेदों की शिक्षा पर,
तो स्वर्ग का द्वार हो जाये।।
पति, पत्नी का घर में जो सच्चा………










