पानी में बाढ़ है भारी, है विनाश का नज़ारा
पानी में बाढ़ है भारी
है विनाश का नज़ारा
भय भी बढ़ा,
टूटा, ताना-बाना
पानी में बाढ़ है भारी
है विनाश का नज़ारा
देह के सारे रथों को
ले लो अपनी नाव में
राष्ट्र वीरों का बनो सहारा
पानी में बाढ़ है भारी
है विनाश का नज़ारा
ज्ञान के धनी को को भी
आने दो अपनी नाव में
वही बचाते जीवन हमारा
पानी में बाढ़ है भारी
है विनाश का नज़ारा
पञ्चशत्रु की बाढ़ में
राष्ट्रवीर ना हारते
ज्ञानी-धनी को भी दे दो सहारा
पानी में बाढ़ है भारी
है विनाश का नज़ारा
राग-द्वेषी उफानी नदी
विजेता संकल्पित चढ़े
जो पायें ब्रह्मानन्द प्यारा
पानी में बाढ़ है भारी
है विनाश का नज़ारा
हे खिवैया ! कृपा करो
पद्वती नौका पर आने दो
बलवती बाहों का दे दो सहारा
पानी में बाढ़ है भारी
है विनाश का नज़ारा
भय भी बढ़ा,
टूटा, ताना-बाना
पानी में बाढ़ है भारी
है विनाश का नज़ारा










