पल पल जीवन जाए रे

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पल पल जीवन जाए रे

पल पल जीवन जाए रे
कर ले प्रभु का भजन
शरण प्रभु की आजा रे
बारम्बार मिले
ना यह मानुष जन्म
शरण प्रभु की आजा रे

तज दे क्रोध मद मोह
निर्मल कर ले तू मन
मन अनमोल रे
बोल मधुर वचन
हर ले सबका तू मन
मधुर रस घोल रे
कर ले सन्तो का सङ्ग
तज मन मिथ्या कुसङ्ग
शरण प्रभु की आजा रे
पल पल जीवन जाए रे
कर ले प्रभु का भजन

तेरे अपने कर्म
जाएँ तेरे ही सङ्ग
कर्म का मोल रे
तेरे कर्म अधम
पाप में जाएँ ना रम
मन को तोल रे
माटी देखे यह तन
देखें प्रभु उजला मन
शरण प्रभु की आजा रे
पल पल जीवन जाए रे
कर ले प्रभु का भजन
शरण प्रभु की आजा रे

वेद वाणी पूर्ण
कर ले वेद पठन
प्रभु का होले रे
इसका हर इक वचन
है अनमोल रतन
ऋषि-मुनि बोलें रे
पा ले प्रभु प्रीतम
छूटे जन्म मरण
शरण प्रभु की आजा रे
पल पल जीवन जाए रे
कर ले प्रभु का भजन
शरण प्रभु की आजा रे

तेरी करनी कथन
सङ्ग चले हरदम
सत्य बोल रे
मन का होगा मन्थन
राह होगी सुगम
प्रभु पथ खोल रे
जब उठेगी तरङ्ग
प्रभु से होगा मिलन
शरण प्रभु की आजा रे
पल पल जीवन जाए रे
कर ले प्रभु का भजन
शरण प्रभु की आजा रे
बारम्बार मिले
ना यह मानुष जन्म
शरण प्रभु की आजा रे
शरण प्रभु की आजा रे