पहले तोलो फिर बोलो
(तर्ज – हाय न वस ओये न वस बदला अजे न वस ओये कालेया)
पहले अपनी बात को तोलो।
फिर मुख से कुछ बोलो।
पहले अपनी बात को……….
१. भले बुरे का चिन्तन कर के।
सब विषयों का मन्थन कर के।
ज्ञान पिटारी खोलो। पहले अपनी बात को…….
२. भाषा दोष निवारण करना।
शुद्ध शब्द उच्चारण करना।
ज्ञान के जल से धो लो। पहले अपनी बात को………
३. जितना बोलें बढ़िया बोलें।
अपशब्दों का मुँह मत खोलें।
समुचित भाषी हो लो। पहले अपनी बात को……
४. यहाँ कहो या कहो वहाँ पर।
जो मन में हो वही ज़बाँ पर।
सच कहते मत डोलो। पहले अपनी बात को…..
५. सीखे ओछे कड़वे तीखे
प्यारे प्यारे शब्द न सीखे ।
सुन्दर शब्द टटोलो। पहले अपनी बात को….
६. शब्द कहो मत रूखे सूखे ।
‘पथिक’ न जायें प्यासे भूखे ।
प्रेम का अमृत घोलो। पहले अपनी बात को……










