पागल सब संसार देखा, पागल सब संसार।
पागल सब संसार देखा,
पागल सब संसार।
ये जग दीवानों की बस्ती,
देख सोच विचार।।
कोई देखा धन का पागल,
पूजा करता धन की।
धन कारण सुख चैन गवाए,
मिटी न इच्छा मन की।।
अन्त समय धन संग न जाए,
जोड़-तोड़ गया हार।।
पागल सब संसार देखा, पागल…..
कोई देखा रूप का पागल,
यौवन का दीवाना।
पल पल बीती जाए जवानी,
जीवन है ढल जाना।
जिस यौवन का मान करे तू,
वो यौवन दिन चार।
पागल सब संसार देखा, पागल…..
कोई देखा ज्ञान का पागल,
पढ़-पढ़ नैन गंवाए।
प्रेम बिना कभी ज्ञान न उपजा,
बिरथा जनम गंवाए।
सच्चा ज्ञान उसी ने पाया,
करता जो उपकार ।।
पागल सब संसार देखा, पागल……
सुविचार
सफलता चाहते हैं तो सभी के साथ सौम्य और स्वयं के साथ कठोर रहिए










