ओम् का झण्डा आया
ओम् का झण्डा आया
यह ओम् का झण्डा आया।
९. ऋषि ने लाखों कष्ट उठाये।
जहर पिया और पत्थर खाये।
फिर इसको लहराया।
यह ओम् का झण्डा आया।
२. श्रद्धानन्द ने गोलियाँ खाके ।
लेखराम ने जान गँवा के।
ऊँचा इसे उठाया।
यह ओम् का झण्डा आया।
३. गुरुदत्त का प्राणों से प्यारा।
हंसराज ने जीवन सारा।
इसकी भेंट चढ़ाया।
यह ओम् का झण्डा आया।
४. आर्य जनों की शान यही है।
आन यही और बान यही है।
ऋषियों ने फ़र्माया।
यह ओम् का झण्डा आया।
५. आर्यों की पहचान इसी से।
चेहरों पर मुस्कान इसी से।
हर व्यक्ति हर्षाया।
यह ओम् का झण्डा आया।
६. लाख मुसीबत सर पे धरेंगे।
अब इसकी हम रक्षा करेंगे।
हमने ‘पथिक’ अपनाया।
यह ओम् का झण्डा आया।










