ओ मां बाप कहाने वालो औलाद बनाना सीखलो।
ओ मां बाप कहाने वालो
औलाद बनाना सीखलो।
बचपन में शादी कर-करके
मत इनको कमजोर करो।
‘नित्यानन्द’ कहे पछताओगे
जल्दी इस पर गौर करो ॥
ओ सुनने-सुनानेवालो,
औलाद बनाना सीखलो ॥
बच्चा पैदा तो जग में
हर एक जानवर करता है।
खाता पीता सो जाता और
डरता जीता मरता है।
दुनियाँ में देखो भालो,
औलाद बनाना सीखलो ॥
यही काम किए तो जग में
पशु मनुष्य में भेद नहीं।
वे नर पशुओं से गिर जाते
जो पड़े शास्त्र वेद नहीं।
यूं जन्म लजानेवालो,
औलाद बनाना सीखलो ॥
माता शत्रु पिता है वैरी
जो औलाद पढ़ावे ना।
जैसे बगुला हंस-सभा में
बैठ के शोभा पावे ना।
यूं शर्मानेवालो, औलाद
बनाना सीखलो ॥
समझो जहर पिलाता है
जो प्यार करे संतान को।
लाड प्यार से निर्भय होकर
देते दुःख जहान को।
यूं जहर पिलानेवालो,
औलाद बनाना सीखलो ॥
हुका सिगरेट बीड़ी पीते
कहीं पशु चरवाते हो।
क्रिकेट, टी.वी. दिखा-
दिखाकर इन्हें बदमाश
बनाते हो।
पीछे पछतानेवालो,
औलाद बनाना सीखलो ॥
क्या दाता क्या शूरवीर
क्या देशभक्त सन्तान करो।
कायर क्रूर कुकर्मी जनकर
दुनिया का न नाज बिरान करो।
तादाद बढ़ानेवालो,
औलाद बनाना सीखलो ॥










