ओ३म् प्यारा ओ३म् प्यारा
ओ३म् प्यारा ओ३म् प्यारा,
ओम् ओम् कहिये।
जाहिं विधि राखे प्रभु,
ताहीं विधि रहिये।।
मुख में हो ओम् नाम,
जग सेवा हाथ में।
तू अकेला नहीं बन्दे,
प्रभु तेरे साथ में।
विधि का विधान जान,
हानि लाभ सहिये।। १ ।।
जाहिं…
किया अभिमान तो फिर,
मान नहीं पायेगा।
होगा बन्दे वही जो तेरे,
प्रभुजी को भायेगा।
फल आशा त्यागे,
शुभ काम करते रहिये।। २ ।।
जाहिं विधि…
जिन्दगी की डोर सौंप,
हाथ दीनानाथ के।
महलों में राखे चाहे,
झोंपड़ी में वास दे।
धन्यवाद, निर्विवाद,
ओम् ओम् कहिये ।। ३ ।।
जाहिं विधि..
आशा एक प्रभु जी से,
दूसरी आशा छोड़ दे।
नाता एक प्रभु जी से,
दूसरा नाता तोड़ दे।
सत्संग ओम् रंग,
अंग-अंग रंगिये।।४।।
जाहिं विधि…










