ओ३म् नाम जप किया करो!
ओ३म् नाम जप किया करो!
दुःख न किसी को दिया करो।
जो दुनियाँ का मालिक है,
नाम उसी का लिया करो।
वेद शास्त्र ने गाया ओ३म्
ऋषियों ने अपनाया ओ३म् ।
श्री राम, कृष्ण कर गये जप इसका,
यही नाम जप किया करो ॥
ओ३म् नाम जप किया करो !
दुःख आये तो न घबराना,
सुख में उसको भूल न जाना।
ज्ञान गङ्ग में स्नान करो,
निर्मल तन और मन किया करो।
ओ३म् नाम जप किया करो !
सब का रक्षक ‘ओ३म्’ है प्यारे,
वो ही सब के कार्य संवारे।
क्यों न दिल से उसे पुकारे,
भक्ति-भजन की तार से नित,
चंचल मन अपना सिया करो ॥
ओ३म् नाम जप किया करो !
धन और माल के भरे खजाने,
सारे यहीं धरे रह जाने।
कोई किसी के साथ न जावे,
गया वक्त फिर हाथ न आवे।
काम धर्म के किया करो,
और कुछ हाथों से दिया करो ॥
ओ३म् नाम जप किया करो !
उस दाता से सब कुछ पावें,
फिर भी उस के गुण न गावें।
श्रद्धा से सिमरो हरदम,
धन्यवाद उसी का किया करो ॥
ओ३म् नाम जप किया करो !
जो चाहे दुःख से बचना,
और यहां सुख से बसना।
हो जायेगा सफल यह जीवन,
करो पवित्र अपनी रसना।
नामामृत रस पिया करो ॥
ओ३म् नाम जप किया करो !
तुलसी इस संसार में तीन वस्तु हैं सार।
इक सत्संग, इक हरि भजन, निसि दिन परोपकार।










